Awara Masiha - A Vagabond Angel

एक भटकती आत्मा जिसे तलाश है सच की और प्रेम की ! मरने से पहले जी भरकर जीना चाहता हूं ! मर मर कर न तो कल जिया था, न ही कल जिऊंगा !

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मोहब्बत की जंजीर .....

Posted On: 30 Jan, 2017 कविता में

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कर ले तू भी सितम
की हम भी आह ना करेंगें ..
मेरी आह के शोले
एक  दिन तेरी आँखों से
शबनम बनकर ही गिरेंगें ….
तब  मुझे आवाज़ दोगी
की अपना बना लो
तब हम ख़ाक से
कौन सी  मोहब्बत का  एहतराम करेंगें ….
अभी तो तुम उलझ जाओ अपनी वफ़ा के धागों में
हम मोहब्बत की जंजीरों को यूँही नीलाम करेंगें ….

By
Kapil Kumar

Awara Masiha

Web Title : मोहब्बत की जंजीर .....



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