Awara Masiha - A Vagabond Angel

एक भटकती आत्मा जिसे तलाश है सच की और प्रेम की ! मरने से पहले जी भरकर जीना चाहता हूं ! मर मर कर न तो कल जिया था, न ही कल जिऊंगा !

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मेरी मुश्किल

Posted On: 15 Feb, 2017 कविता में

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तेरे होठों को  चूंमू  या तेरा सजदा करू

तुझे पूजू या तेरे पर दिल फ़िदा करू


बहुत मुश्किल है तुझसे दूर जाना


बता तुझे मैं कैसे अपने से जुदा  करू…..


तू  कहती है की पास नही आ सकते


दिल कहता है की तुम दूर जा नहीं  सकते


है मेरी मुश्किल इतनी की समझ  नही आता


की तुझे मैं दिल के मंदिर से कैसे जुदा करू  …..


By
Kapil Kumar

Awara Masiha



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