Awara Masiha - A Vagabond Angel

एक भटकती आत्मा जिसे तलाश है सच की और प्रेम की ! मरने से पहले जी भरकर जीना चाहता हूं ! मर मर कर न तो कल जिया था, न ही कल जिऊंगा !

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तू डाल डाल! मैं पात पात! (Valentine Day !)

Posted On: 4 Mar, 2017 मस्ती मालगाड़ी में

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कपिल झूमता हुआ ऑफिस की कैंटीन में आया तो उसके दोस्त और सहकर्मि उसके इन्तजार में बैठे थे की कब वोह आये और कब उसका प्रेम पुराण वोह चटकारे लेकर सुने .. कुछ तो कपिल की प्रेम कहानी में ट्विस्ट था थोडा वोह ट्विस्ट देकर उन  लोगो को सुनाता…. ताकि सुनने वाले उससे अन्दर से जले और उसे खुशनसीब समझे ….

वैसे तो कपिल अधेड़ उम्र में कदम रख चूका था पर वोह अभी तक यह गुमान पाले बैठा था की

जवानी दीवानी होती है और मर्द और घोडा हमेशा जवान रहते है ….

जैसे ही कपिल अपनी सीट पर बैठा तो उसके दोस्तों और सहकर्मियों के सवालों की बोछार उस पे हो गयी ..

इक बोला …हाँ तो गुरु अब तक कान्हा पहुंचे…. अभी तक द्रोपदी का चिर हरण हुआ की नहीं? ...

दूसरा बोला…  अबे चिर हरण तो तब करेगा जब वोह उसे चिर स्पर्श करने देगी .. हमें उल्लू समझ कर कुछ भी पेल देता है ..पर इसका मामला तो अभी तक सिर्फ विंडो शौपिंग पे ही अटका है….

तीसरा  बिच में कूदा और बोला .. तुम लोग हवा में ही किले बना रहे हो .. मुझ तो शोपिंग ही होती दिखाई नहीं दे रही.. इस बेचारे को तो वोह विंडो भी खोलने नहीं देती …

और ऐसा कह वोह सब कपिल का मजाक उड़ाने लगे …..

कपिल मन में बुद बुदाया कमीनो…… और इक पल सोचा और बोला …. बेटा फुदक लो जितना फुदकना है … जब यह सिकंदर विजयी  भव  होगा तो सालो तुम ही लार टपकाते हुए आओगे और बोलोगे ………अरे यार उसकी……. किसी फ्रेंड से हमारा भी टांका लगवा दे ……

अभी तो सूली पे हमें चढ़ा लो बाद में अगरबत्ती और माला भी तुमसे न लगवाई तो हमारा नाम भी  “KK बॉस” नहीं .. .

असल में इस सारे फसाद की जड़ थी कपिल और शालिनीकी प्रेम कहानी दोनों ही अपने  अपने प्रेम नगर के शातिर खिलाडी थे  ….शालिनी 30 को जल्दी ही छूने वाली थी और कई कुत्तो को पालतू बनाने के बाद……….किसी शेर को पालतू बनाने की जुगत में थी… वोह सोच रही थी … की अब उसका रिटायरमेंट का टाइम आ गया है…….किसी खाते कमाते लड़के को लपेट…….… अपनी घर गृहस्थी बसा कर, इक दो बच्चो की मां बन कर……. जिन्दगी भर किसी कोल्हू के बैल से अपनी गुलामी करवाऊ… .

उधर कपिल भी कई चिड़ियाँ को उड़ा उड़ा कर पक्का चिड़ीमार बन चूका था..… पर यह चिड़िया अभी तक उसके फंदे में फसने का नाम ही न ले रही थी …. 3 महीने से ज्यादा समय हो चूका था…… पर बात वन्ही की वन्ही अटकी पड़ी थी ….. चूमने जाओ तो खांसने लग जाती…… हाथ लगाओ तो बिजली का झटका देती और कहती अरे कपडो पे सलवट आजायेगी…… गल्ले लगाओ तो संसकारो का पाठ पढ़ा देती…मामला जीरो से शरू होता और रोजाना 400/500 का खून होने के बाद भी जीरो पर ही ख़त्म होता ……….

कपिल भी रोज नए पेतेरे लगाता ……पर शालिनी भी इस खेल में तब से थी….. जब कपिल ने अपनी मुछे उमेठनी भी शुरू नहीं की थी!!!….

शायद प्रक्रति का ही नियम है औरत मर्द से 10 साल आगे समझदार होती है …जिस बात को लड़का 20 में समझता है  उसे 10 साल की लड़की 16 साल के लड़के को अच्छी तरह समझा सकती है …..

कपिल ने अपने दोस्तों में डिंग मारी…. बेटा जल्दी ही खुशखबरी दूंगा …अगर इस शेरनी का शिकार इस वैलेंटाइन डे पे ना किया तो मेरा भी नाम    “KK बॉस “ नहीं ……

उधर शालिनी की सहेलियाँ उसका मजाक बना रही थी …… अरे तू तो अपने को बड़ी तुर्रमखां बता रही थी…. की इस बारऐसा उल्लू पकड़ा है जिससे वरमाला ना डलवा लू तो मेरा नाम “शालू रानी “ नहीं ..

क्या हुआ ?… कन्ही   कबूतर दाना चुग के तो नहीं भाग गया….

दूसरी बोली…. यह बेचारी क्या करे पुराणी गाड़ी में मेन्टेनअंस का खर्च ज्यादा आ रहा है ..आधी तन्खवा तो बेचारी अपनी नयी ड्रेस , मेकअप , मैनीक्योर , पेडीक्योर और ब्यूटिशियन को दे आती है !

किसी तरह खिंच खांच कर अपना और अपने घर का खर्चा चला रही है…… अगर यह बकरा जल्दी हलाल न हुआ तो, इसके पिताजी इसे किसी बाबू को लपेट देंगे .. फिर वोह बाबु इसे 2/3 सालो में रानी से मेहतरानी बना कर रख देगा….

तीसरी बोली …..यह बेचारी करे भी तो क्या करे?..यही आखिरी मौका है और यह शिकार भी बढ़िया है … न कोई आगे है ना कोई पीछे ….  ना तो सास होगी … ना ही ननद और वोह इसके इश्क में गिरफ्तार बन्दर बनके …..इसके इशारो पे सारी जिन्दगी गुलाटी मारेगा…अब इतना बड़ा स्टेक दावं पे है तो खेलना तो संभल के पड़ेगा ही  कंही बाजी उलटी ना पड़ जाये…

शालिनी को यह बाते कानो में पिघले शीशे जैसी जाती हुई लग रही थी…. क्यूंकि…वोह जो कह रही थी वोह सच था और सच हमेशा कड़वा होता है! पर अपनी इज्जत रखने के लिए शालिनी ने कहा….. अरे…. इस बकरे को अगर इस वैलेंटाइन डे पर हलाल ना किया तो मेरा नाम भी “शालू रानी “ नहीं और ऐसा कह वोह मंद मंद मुस्कुराने लगी …..

वैलेंटाइन डे से इक दिन पहले कपिल और शालिनी बांहों में बांहे डाले किसी पार्क के वीराने को रोशन कर रहे थे .. की कपिल बोला… यार शालू .. क्यूँ ना इस बार अपना वैलेंटाइन डे किसी होटल में बना ले ….कपिल मन ही मन सोच रहा था की इक बार यह किसी तरह होटल के कमरे में आ जाये उसके बाद तो इस घोड़ी पे लगाम ना कस दी तो मेरा नाम भी “KK बॉस ” नहीं……

शालिनी के अनुभवी कान इक दम से सतर्क हो गए और उसके दिमाग के किसी कोने से किसी दुर्घटना के होने का साईरन बजने लगा …. पर इस बाजी को तो उसे जितना ही था! इसलिए खेल बीच में छोड़ के जाने का मतलब भी नहीं था ……. पर  अनजान बनते हुए बोली .. ..

अरे कपिल Dear…तुम बुलाओ और मैं ना आयूँ ऐसा भला कभी हो सकता है ...पर यह भी तो सोचो , अगर किसी को पता चला तो मेरी कितनी बदनामी होगी?    क्या तुम ऐसा चाहोगे ? … हाँ…… अगर तुम उस दिन मुझे प्रोपोज करने वाले हो तो…….. मैं इतनी बदनामी भी तुम्हारी ख़ुशी के लिए  उठा लुंगी …….

पर जरा यह ख्याल रखना की मुझे सिर्फ हीरे की अंगूठी ही पसंद है…. अगर ऐसी  वैसी लेकर आ गये …..मेरी तो इज्जत अपनी सहेलियों में और घर में दो कौड़ी की भी ना रहेगी ….. सब कहेंगे बड़ी बड़ी डींगे मारती थी ……की मेरा मल्टीनेशनल कम्पनी के इंजिनियर से रोमांस है और अंगूठी लायी है किसी चपरासी की औकात की!!!!….

कपिल बोला अरे  डार्लिंग .. तुम्हारी इज्जत मेरी इज्जत है !!!!! उसे भला मैं क्यों कम होने दूंगा… ..कपिल ने सोचा अगर 40/50 हजार की अंगूठी के बदले थोडा आनंद हो जायेगा तो क्या बुरा है ?….बाद में ब्रेकअप कर लेंगे और अंगूठी  भी वापस मिल जाएगी ….. और वैसे भी कौन  देख रहा है की मैं उसे प्रोपोज कर रहा हूँ……… तो.. ….शालिनी……. फिर हम लोग वैलेंटाइन डे वाले दिन होटल शेरटन में मिलते है …

कपिल बोला .. शालिनी और कपिल दोनों अन्दर ही  अन्दर खुश थे …की दोनों के दावं सही पड  गए …

पर जैसा होता है हर खेल में इक जीतता है तो दूसरा हारता है ……..

कपिल वैलेंटाइन वाले दिन बड़ा झूमता गाता होटल शेराटन पहुंचा … वंहा शालिनी को देख उसका दिल झूम उठा ….. आज शालिनी अपने तरकस के सभी तीरों को पैना करके आई थी!!!!!! आज वोह उस रणभूमि पे उतर रही थी……. जिसकी हार जीत  उसके आने वाले जीवन का फैसला करने वाली थी……. ऐसा में नयी फडकती ड्रेस , स्पेशल मेकअप और जोरदार अपीयरेंस का होना बहुत जरुरी था…... की …..

शिकार इक ही झटके में दम तोड़ दे…. नहीं तो घायल शेर…. जिन्दा शेर से ज्यादा खतरनाक हो सकता था !!!!……

ऐसे मैं कोई भी रिस्क लेना सही नहीं था … शालिनी को देख कपिल अपनी आधी शातिरगिरी  भूल गया …उसने शालिनी को गल्ले लगाने के लिए जैसे ही बाँहे फैलाई की… शालिनी छिटक के बोली…. ऐसी भी क्या बेसब्री है …..चलो कमरे में चलते है … कपिल जोश में होश खोता हुआ दौड़ के स्पेशल हनीमून सुइट की चाबी ले आया .. जैसे ही दोनों लिफ्ट पे सवार होने वाले थे की …….. शालिनी ने कहा……. मेरी कुछ सहेलियां भी आने वाली है जरा उनका भी इंतजार कर लो!! ….. कपिल को यह खबर 10,000Volt के झटके जैसी लगी ….

लगता था!!!!! चिड़िया पुराणी उस्ताद थी……. जिसे यह पता था ……की जाल में दाना पड़ा है और इस चिड़िया को तो जाल सहित उड़ना भी अच्छी तरह से आता  था!!!!!!!

कपिल ने अपने को सँभालते हुए कहा…… अरे यह तो हम दोनों का आपसी मामला था… ..और सबके सामने करने से तो पूरा रोमांच ही ख़त्म हो जायेगा ….शालिनी…… उसकी बात बीच में काट कर बोली क्या करूँ…. ..मेरी सहेलियाँ इतनी शातिर है की मेरे पीछे ही पड़ गयी और बोली…….. हम भी तो देखे कौन सा सजीला नौजवान तुझे प्रोपोज कर रहा है!!!!! तो मेने भी कहा चलो …….तुम भी क्या याद करोगी ..और ऐसा कह….. कपिल की तरफ अपनी इक कुटिल मुस्कुराहट, जहर भरे नयनों के तीर के साथ छोड़ दी!!!!! ….

कपिल ने अपने होश को संभाला और नया पास फैंका और बोला ...वोह सब तो ठीक है ……पर मेरे भी दोस्त होते तो ठीक लगता …….अब उन्हें पता लगेगा तो वोह सब बूरा मान जायेंगे!!!!!!! शालिनी…… जैसे इसी मौके की तलाश में थी ……इकदम से बोली अरे उसकी चिंता छोड़ दो … तुम्हरे सारे दोस्तों को भी मेने बुला लिया है …बस वोह लोग भी आते होंगे तब तक चल कर सुइट का आनंद लेते है और ऐसा कह …….वोह अपनी सहेलियों के साथ हंसी ठिठोली करते हुए लिफ्ट में सवार हो गयी!!!! …

पीछे कपिल अपना मुंह पकडे अपने होने वाले नुकसान का लेख जोखा तैयार कर रहा था … की …उसके दोस्तों ने धावा बोल दिया … अबे तू तो कल फैंक रहा था की आज द्रोपदी का चिर हरण कर लेगा …पर तू तो उसे दुशाशन की जगह अर्जुन बन कर अपना रहा है … बेटा ..इतनी जल्दी थी शहनाई की तो कल ही बोल देता .. कम से कम कपडे तो सिलवा लेते .. खेर कोई बात नहीं … देर आये दुरुस्त आये … लगता है तू भी चिडिमारी से थक गया है ? कोई बात नहीं … अच्छे बच्चे ज्यादा तांक झांक लम्बी उम्र तक नहीं करते है और ऐसा कह सबने इक लंबा ठहाका लगा दिया ….

कपिल ने बुझे मन से शालिनी को अंगूठी पहनाई और चुप चाप बैठा रहा ..

आज चिड़ीमार के साथ बहुत बड़ा धोखा हो गया था……….चिड़िया उसका दाना चुगने के साथ साथ उसके जाल भी ले उडी थी…..कपिल का लटका मुंह देख शालिनी को थोड़ी आत्मग्लानि सी हुई………. उसे लगा की इस तह से रिश्ते की शुरुवात करना क्या ठीक रहेगा?... उसने इक पल सोचा और …….अपने और कपिल के दोस्तों से कहा………… वोह लोग अब घर जाये और उन लोगो को थोडा अकेला छोड़ दे ….

शालिनी और कपिल अब कमरे में अकेले रह गए.. शालिनी ने  ऊँगली से अंगूठी निकाल कपिल के हाथ पे रख दी और बोली मैं जानती हूँ…. की तुमने यह अंगूठी मुझे किस मतलब से पहनाई है और तुम भी जानते हो की.. मेने तुम्हारा दावं चलने नहीं दिया…पर……. जिन्दगी किसी के साथ इस तरह के दावं पेच लड़के नहीं काटी जा सकती है … मेने तुम्हे दिल से चाहा है यह सच है….. पर….. इससे बड़ा सच यह है की….. मुझे तुम जैसा लड़का जीवन साथी के रूप में मिलता तो …मैं अपने को खुशनसीब समझती!!!! ...तुम मेरे शरीर से खेलना चाहते थे ….तुम्हारी ख़ुशी के लिए मै यह बलिदान भी कर दूंगी …. अब जो तुम्हे ठीक समझ में आये करो और ऐसा कह शालिनी बिस्तर की तरफ बढ़ गयी… .

शालिनी ने जोश में यह कह तो दिया… पर उसका दिल अन्दर से धक् धक् कर रहा था……. कंही कपिल ………सचमुच में बेड पर आगया तो वोह कैसे मना कर पायेगी….पर अब तीर कमान से निकल चूका था .. कपिल धीरे धीरे बेड की तरफ बढ़ने लगा तोशालिनी का चेहरा शर्म और डर से सफ़ेद सा पड़ने लगा ... उसका बदन कांपने और चेहरे से पसीना चूने सा लगा ..

कपिल ने जब शालिनी का रंग यूँ उड़ते देखा तो उसके कदम इक पल के लिए ठिठक गए! उसने मन ही मन शालिनी की बातो को सोचा और शालिनी की बात सोच कपिल का मन द्रवित हो उठा…. पर उसे भी….. इस चिड़िया को यह बताना था ……की….. जो जाल लेकर वोह उड़ रही है…. उसकी इक डोर अभी भी उसके हाथ में है !!!!.जैसे ही कपिल बिस्तर के पास पहुंचा और शालिनी को चूमने के लिए उसपे झुकने लगा …. की…. शालिनी का दिल जोर जोर से धडकने लगा और उसकी आवाज पुरे कमरे में गूंजने लगी !!!!…

कपिल ने शालिनी का हाथ पकड लिया और बोला …..मुझे भी…… अब इस रोज रोज की चिडिमारी से चिढ हो गयी है ..तुम अपनी अंगूठी वापस पहन लो …..मैं भी …..किसी अच्छी लड़की के साथ सैटल हो जाना चाहता हूँ…. तुम्हारे इस बलिदान ने मेरी तुम्हरे प्रति सोच बदल दी है ..कपिल की यह बात सुन शालिनी का डर अचानक से गायब हो गया और उसने अपने होट कपिल के होटों से जोड़ दिए….

कपिल भी उसे बांहों में भरकर चूमने लगा … और थोड़ी देर बाद कपिल बोला….   अब जब हम दोनों रजामंद हैं तो क्यूँ ना इस कमरे का भी इस्तमाल कर ले … शालिनी मुस्कुरायी और उसे किस करते हुए फुसफुसाई .. जब यह डोली तुम्हरे घर हेमशा के लिए आने वाली है…. तो बेसब्री में ……इस डोली को क्यों बीच रास्ते इक लुटेरे की तरह लूटना चाहते हो … थोडा धीरज रखो और आराम से सारी जिन्दगी सयंम से आनंद लो .. शादी के बाद तुम जब कहोगे….. जन्हा कहोगे…. मैं हाजिर हो जाउंगी … अब तुमने देख लिया है की तुम्हारा आने वाला सफ़र कैसा होगा?

कपिल उसकी बात का मतलब समझ मुस्कुराया और बोला ..

तुम वाकई में मेरी गुरु हो और तुम ही मेरी सच्ची जीवनसाथी हो सकती हो!!!!… ..

जो मुझसे इक कदम आगे की सोच रखती हो .. चलो इस बात पे इक बार और मुंह मीठा करा दो … शालिनी बोली इस मिठाई की कोई रोक टोक नहीं ….पर…… इससे आगे की कोई फरमाइश शहनाई से पहले मत कर देना! ..ऐसा कह दोनों इक दुसरे के होटों को अपने होटो में जोड़ अपने आज के हुए नफा नुकसान को समझने में में लग गए !! …..

By

Kapil Kumar

Awara Masiha



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